
दुर्ग। साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए दुर्ग पुलिस ने नई पहल शुरू की है। इसी कड़ी में जिले के करीब 35 से 40 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में इन्फ्लुएंसर्स ने अभियान से जुड़कर साइबर जागरूकता फैलाने में सहयोग करने की इच्छा जताई।
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य साइबर अपराधों की रोकथाम, ऑनलाइन ठगी से बचाव और नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करना है।
ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया सुरक्षा पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने साइबर अपराध से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे। ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया की सुरक्षा, संदिग्ध लिंक और कॉल से बचाव तथा साइबर अपराध होने पर पुलिस को सूचना देने की प्रक्रिया को लेकर पुलिस अधिकारियों ने आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन दिया।
पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया आज कम समय में बड़ी संख्या में लोगों तक जानकारी पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। ऐसे में इन्फ्लुएंसर्स अपनी रचनात्मकता और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग साइबर अपराधों से बचाव के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए कर सकते हैं।
रील्स और वीडियो के जरिए फैलाएंगे जागरूकता
दुर्ग पुलिस ने इन्फ्लुएंसर्स से साइबर जागृति अभियान से जुड़े फोटो, वीडियो, रील्स और अन्य डिजिटल कंटेंट तैयार करने की अपील की। कंटेंट के जरिए नागरिकों को ओटीपी, बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा नहीं करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने और साइबर ठगी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने के संबंध में सरल भाषा में जागरूक करने कहा गया।
बैठक में शामिल इन्फ्लुएंसर्स ने अभियान के साथ सक्रिय रूप से जुड़ने और साइबर सुरक्षा से संबंधित संदेशों को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर सहमति जताई।
बेहतर कंटेंट बनाने वालों को किया जाएगा सम्मानित
दुर्ग पुलिस ने यह भी जानकारी दी कि साइबर जागृति अभियान के तहत प्रभावी और उपयोगी साइबर जागरूकता कंटेंट तैयार कर व्यापक स्तर पर जागरूकता फैलाने वाले कंटेंट क्रिएटर्स को पुलिस द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
नोडल अधिकारियों ने दिया मार्गदर्शन
बैठक का आयोजन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं साइबर जागृति अभियान के नोडल अधिकारी मणिशंकर चंद्रा तथा सहायक नोडल अधिकारी सब इंस्पेक्टर डॉ. संकल्प राय द्वारा किया गया। अधिकारियों ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को अभियान के उद्देश्यों और साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी दी।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से साइबर अपराधों की रोकथाम में सहयोग करने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि साइबर सुरक्षा से जुड़ी सही और तथ्यात्मक जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना जरूरी है। किसी भी तरह की साइबर ठगी या संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।
पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराध से सुरक्षित समाज बनाने के लिए पुलिस के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक की सहभागिता भी जरूरी है।














